Singrauli News: कांग्रेस के एससी नेताओं ने पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा
जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर एवं ग्रामीण की कार्यकारिणी घोषित होने के बाद सूची विवादों में घिरी

सिंगरौली । जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण के नौ गठित कार्यकारिणी का ऐलान होते ही एससी के नेताओं ने पार्टी नेताओं के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। एससी के तीन पूर्व पदाधिकारियों ने घोषित कार्यकारिणी पर तीखा सवाल करते हुये दोनों जिलाध्यक्षों एवं प्रदेश के नेताओं के खिलाफ बिगुल बजा दिया है। दरअसल जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर एवं ग्रामीण की कार्यकारिणी का ऐलान किया गया है। जिला कार्यकारिणी सूची जारी होने के 24 घंटे ही नही गुजरा था कि कांग्रेस पार्टी के एससी समाज से जुड़े वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा खोल दिया। मीडिया कर्मियों से कांग्रेस पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष सुरेन्द्र साकेत एवं पूर्व अनुसूचित जाति के पूर्व संभागीय प्रभारी एवं पूर्व पार्षद सुदामा साकेत एवं कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव राजकुमार दिपांकर ने साफ तौर पर कहा है कि शहर एवं ग्रामीण अध्यक्षों के द्वारा जारी की गई जिला कार्यकारिणी सूची में हमारे समाज के कार्यकर्ताओं को जगह नही दी गई। जबकि हमारे समाज के तीनों विधानसभा में 50 हजार से ऊपर की संख्या में है। इसके बावजूद एक भी कार्यकर्ताओं को किसी भी पद से नवाजा नही गया। इसके पहले ब्लॉक अध्यक्षों के नामों का ऐलान हुआ था। उसमें भी एक्का-दुक्का लोगों को जगह मिली है। जनसंख्या के हिसाब से पूर्व में भी जगह नहीं दी गई। उक्त कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाते हुये कहा है कि पिछले माह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का भोपाल में आगमन हुआ था। राहुल गांधी ने भोपाल में बाबा साहब भीम अम्बेडकर जी के संविधान के कॉपी को दिखा रहे थे। अब यह संविधान कहां गया? आगे कहा कि इस संबंध में अजय सिंह राहुल एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल वाकिफ हैं। जिला कार्यकारिणी की सूची इन नेताओं के सहमति से ही जारी हुई है। इसे इन्कार नहीं किया जा सकता। सुरेन्द्र साकेत ने कहा कि दो दिन बाद 22 मार्च को हमारे समाज के करीब 25 कांग्रेसी वरिष्ठजन भोपाल जाकर प्रदेशाध्यक्ष से मुलाकात करेंगे। यदि बात नही बनी तो आगे कठोर निर्णय लिया जाएगा। दोनों जिलाध्यक्ष हमारे समाज को नजर अंदाज किया है।
बात नहीं बनी तो कांग्रेस पार्टी से देंगे इस्तीफा
कांग्रेस पार्टी के नेता एवं पूर्व पार्षद सुदामा प्रसाद साकेत एवं सुरेन्द्र साकेत ने खुले तौर पर कहा है कि कांग्रेस पार्टी के दोनों जिलाध्यक्षो ने हमारे समाज के लोगों को पंसद नही किया। शायद नफरत है, इसीलिए लम्बे अर्से दो-तीन दशक से कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी नही बनाया गया, इन नेताओं से बात करने का कोई मतलब नही रह गया है। प्रदेश अध्यक्ष से जीतू पटवारी से हमारे समाज के प्रतिनिधि मण्डल भोपाल जाकर मिलेगा, यदि तबज्जो नही मिला तो, पार्टी में रहने का कोई औचित्य नही रहेगा। हमारे समाज के लोग सामूहिक तौर पर कांग्रेस पार्टी से त्याग पत्र देंगे। इधर एससी समाज के उक्त नेताओं के द्वारा आज मीडिया कर्मियों से मुखातिब होने के बाद कांग्रेसी नेताओं तक बात जैसे ही पहुंची, पार्टी में हड़कंप मच गया है। नाराज नेताओं को मनाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है।
महिला नेत्रियों को भी नहीं मिली है तबज्जो
कांग्रेस पार्टी के शहर जिलाध्यक्ष के नियुक्ति के बाद से ही पार्टी में खीचातानी एवं मनमुटाव जगजाहिर है और अब शहर एवं ग्रामीण की जिला कार्यकारिणी घोषित होने के बाद पार्टी के प्रमुख बॉडी में महिला नेत्रियों को भी तरजीह नही दी गई है। शहर एवं ग्रामीण में एक्का-दुक्का नेत्रियों को पदाधिकारी बनाया गया है, जबकि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं। लेकिन शहर एवं ग्रामीण की कार्यकारिणी में पदाधिकारियों की संख्या 61 है। ऐसे में पार्टी के अंदरखाने से ही बाते निकल रही हैं कि पार्टी के कई महिला नेत्रियां भी नाराज हो गई हैं। जबकि भाजपा में मंडल से लेकर जिला की प्रमुख बॉडियों में महिला नेत्रियों को पर्याप्त जगह दिया जा रहा है। एक कांग्रेसी नेता ने यहां तक कहा कि जिला कार्यकारिणी भविष्य के हिसाब से नही बनाई गई है।




