Singrauli News: 90 लाख के बस स्टैंड के दीवारों में दरार, प्लेटफार्म टूटे
गंदगी और अंधेरे में चल रहा बस स्टैंड, कांग्रेस नेता का गंभीर आरोप, 26 अक्टूबर 24 को हुआ था लोकार्पण

सिंगरौली । जिले के चितरंगी में बने नए बस स्टैंड को लेकर एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। करीब 90 लाख रुपये की लागत से तैयार इस बस स्टैंड का लोकार्पण 26 अक्टूबर 2024 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह द्वारा उनके गृह ग्राम में किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि लोकार्पण के महज दो साल के भीतर ही यह निर्माण अपनी बदहाली पर आंसू बहता नजर आ रहा है।
बस स्टैंड की हालत देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है। भवन की दीवारों में कई जगह गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और सिलिंग का प्लास्तर भी गिरने लगा है। वहीं यात्रियों के लिए बनाए गए प्लेटफार्म भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यह स्थिति न केवल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अशोक सिंह पैगाम ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बस स्टैंड की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी की गई है। उनके अनुसार इसी भ्रष्टाचार का नतीजा है कि लाखों कीमत का यह बस स्टैंड महज दो साल में ही दम तोड़ने लगा है। मामले को और गंभीर बनाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य का भुगतान पहले ही पूरा कर लिया गया है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्रियान्वयन एजेंसी के द्वारा स्वीकृति राशि में कितना भुगतान राशि आहरित कर लिया गया है। लेकिन जो हालात सामने हैं, उससे साफ है कि निर्माण में भारी गड़बड़झाला हुआ है।

बस स्टैंड के दिवारों में जगह-जगह पड़ी दरारें
कांग्रेस नेता का कहना है कि निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता को नजरअंदाज किया गया था, जिसकी शिकायतें भी उठी थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया। आज उसी लापरवाही और भ्रष्टाचार का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इस पूरे मामले में जिम्मेदार कौन है? क्या इस भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

बिजली कनेक्शन नही, प्लेटफार्म क्षतिग्रस्त
अशोक सिंह ने यह भी कहा कि यह बस स्टैंड खुद मंत्री के गृह ग्राम में स्थित हैं, बावजूद इसके यहां साफ.-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है और यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस स्टैंड में अभी तक बिजली कनेक्शन तक नहीं लगाया गया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री प्लेटफार्म क्षतिग्रस्त है, जो देखने लायक भी नही है। बिजली पंखों की बात दूर है।




