Singrauli News: पुल के नीचे डूबे युवक की तलाश जारी, रेस्क्यू संसाधनों की कमी पर उठे सवाल
वार्ड 43 हिर्रवाह निवासी रामजतन साकेत लापता, परिजनों में मचा कोहराम, प्रशासनिक लापरवाही के आरोप, सुरक्षा इंतजामों पर फिर बहस तेज

सिंगरौली । नगर निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 43 हिर्रवाह निवासी रामजतन साकेत उम्र लगभग 40 वर्ष के पुल के नीचे पानी में डूबने की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद से युवक का कोई सुराग नहीं लग सका है। लगातार दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण राहत एवं बचाव कार्य की गति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामजतन साकेत देर शाम पुल के समीप स्थित एक दुकान पर गुटखा लेने गए थे। इसी दौरान किसी प्रत्यक्षदर्शी ने उन्हें पुल के नीचे पानी में डूबते हुए देखा। शोर मचाए जाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। घटना देर रात की होने के कारण तत्काल प्रभावी रेस्क्यू शुरू नहीं हो सका। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड तथा स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आज सुबह से दोबारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक रामजतन साकेत का कोई पता नहीं चल पाया है। मौके पर मौजूद टीमों के पास पर्याप्त उपकरण और प्रशिक्षित गोताखोरों की कमी बताई जा रही है, जिससे अभियान प्रभावित हो रहा है।
घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
रामजतन साकेत अपने परिवार के प्रमुख सदस्य थे। उनके पांच भाई, दो बहनें तथा तीन पुत्र हैं। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन लगातार प्रशासन से तेज और प्रभावी रेस्क्यू की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर वार्ड के पार्षद और परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सूचना मिलने के बावजूद रेस्क्यू में तेजी नहीं दिखाई गई। हालांकि घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम की महापौर मौके पर पहुंचीं और कलेक्टर से चर्चा की, लेकिन परिजनों का आरोप है कि आश्वासन के अलावा जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। इस घटना ने एक बार फिर पुलों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे प्रशासन से स्थायी रेलिंग, चेतावनी बोर्ड, सीसीटीव्ही कैमरे और एनडीआरएफ प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




