मध्य प्रदेश

Singrauli News: भाजपा मंडल अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग तेज

5 जनवरी को घेराव कर आंदोलन करने का अल्टीमेटम, एसपी कार्यालय से भाजपा जिला दफ्तर तक गूंजे मुर्दाबाद के नारे

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सिंगरौली । भारतीय जनता पार्टी मंडल मोरवा के अध्यक्ष विनोद सिंह कुरवंशी की गिरफ्तारी कराने और पार्टी से निष्कासन की मांग को लेकर जिले का सियासी माहौल अचानक गरमा गया है।

आज दिन शुक्रवार को यह मामला सड़कों से लेकर संगठन कार्यालय तक खुलकर सामने आ गया, जहां अखिल भारतीय बैसवार महासंघ ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग मोर्चों पर दबाव की राजनीति शुरू कर दी। यहां बताते चले कि 26 दिसम्बर को एनसीएल हेड क्वाटर सिंगरौली के सामने संविदाकार शंकर प्रसाद बैस के पुत्र सत्यनारायण बैस के साथ मण्डल अध्यक्ष विनोद कुरवंशी एवं अन्य उनके आधा दर्जन सहपाठियों ने बेरहमी से मारपीट किया था। मोरवा थाना में अपराध पंजीबद्ध न होने पर सिंगरौली हॉस्पिटल में उपचार के दौरान देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम के सक्रियता से कोतवाली पुलिस ने जीरो पर अपराध पंजीबद्ध किया था। हालांकि बाद में मोरवा पुलिस ने विनोद कुरवंशी समेत 7 लोगों के विरूद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध कायम किया है। बैस समाज का कहना है कि आरोपियों के विरूद्ध गंभीर धाराएं नही लगाई गई हैं। इसी बात को लेकर सुबह अभा बैस महासंघ के बैस समाज के सैकड़ों लोग एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने ने एसपी के नाम सीएसपी को ज्ञापन सौंप कर कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की है। समाजजनों ने अब तक की पुलिसिंग कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए बीएनएस की धारा 109 के तहत अपराध पंजीबद्ध करने की स्पष्ट मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि मामले की गंभीरता के बावजूद अब तक कठोर कानूनी कदम नहीं उठाए गए, जिससे पीड़ि़त समाज में आक्रोश व्याप्त है। इसी बीच भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता विंध्यनगर मार्ग स्थित जिला भाजपा कार्यालय ढोटी पहुंच गए। यहां मंडल अध्यक्ष विनोद सिंह कुरवंशी के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।

सांसद एवं जिलाध्यक्ष को भी सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा को भी ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के कई पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी, सांसद प्रतिनिधि संतोष वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाजजन मौजूद रहे। इससे साफ है कि मामला अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि संगठन और प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन की अनुशासनात्मक व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता दोनों पर उंगलियां उठने लगी हैं। सवाल यह है कि जब मामला सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है और पार्टी के भीतर से ही आवाजें उठ रही हैं, तो अब तक न गिरफ्तारी क्यों हुई और न ही संगठन स्तर पर ठोस कार्रवाई क्यों दिखाई दी।

5 जनवरी को बड़ा आंदोलन करने का अल्टीमेटम

कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सुंदरलाल शाह को ज्ञापन सौंपते हुए साफ अल्टीमेटम दिया कि 5 जनवरी के पूर्व यदि गिरफ्तारी, अपराध पंजीकरण और संगठनात्मक कार्रवाई नहीं होती, तो 5 जनवरी को एसपी कार्यालय और भाजपा जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि आज का ज्ञापन केवल सांकेतिक है, अगला कदम बड़ा आंदोलन होगा। वहीं राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन भाजपा के लिए अंदरूनी संकट का रूप ले सकता है। वहीं पुलिस और संगठन-दोनों की चुप्पी ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। अब सबकी निगाहें 5 जनवरी पर टिकी हैं, जब यह सांकेतिक विरोध बड़े आंदोलन में बदलने की चेतावनी दे चुका है।

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