मध्य प्रदेश

Singrauli News : महापौर ने कांग्रेस पार्टी में फूट डालों की कर रही राजनीति: अखिलेश

ननि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से नाम वापस लेने दी सफाई

Join WhatsApp group

सिंगरौली  । नगर पालिक निगम सिंगरौली में इन दिनों मामला काफी गरमाया हुआ है। नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के खिलाफ लाये गये प्रस्ताव से 9 पार्षदों ने नाम वापस लिये जाने के बाद आज कांग्रेस पार्टी के नेता एवं पार्षद अखिलेश सिंह ने देर शाम पीडब्ल्यूडी उच्च विश्राम गृह माजन मोड़ में पत्रकारों के साथ अपनी सफाई दी है और महापौर रानी अग्रवाल पर तीखा हमला करते हुये बोला कि महापौर कांग्रेस पार्टी में फूट डालों की राजनीति कर रही हैं।

उन्होंने सफाई में अपनी बात रखते हुये कहा कि महापौर वार्डो के विकास में भेद-भाव किया है। उन्ही के पार्षद भाजपा में शामिल हो रहे हैं और फिर वापस भी आ रहे हैं। महापौर का कामकाज पूरी तरह से फेल है। हम पार्षदों को अंधेरे में रखे हैं। घर की बात जो टेबल तक सीमित थी, वह सोशल मीडिया में बात कैसे आई। इसे कौन ले जा रहा है। स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव के लिए सहयोग मांगा था, हमने शर्तो के साथ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए कहा था। मेयर पर आरोप लगाते हुये कहा कि वें हमेशा कांग्रेस के पार्षदों को तोड़ रही है। भाजपा हमारे पार्षदों को नही तोड़ रही है। बल्कि मेयर तोड़ रही हैं। कांग्रेस के पार्षदों को अपनी पार्टी से वापस करिये। फिर आगे बात नही बनेगी। उन्होंने यह भी शर्त रखा था कि कांग्रेस के सभी पार्षदों को एमआईसी में लिजिए। उन्होंने मेयर के साथ-साथ उनके पति प्रेम अग्रवाल पर भी आरोप लगाया और कहा कि हम लोगों के शर्तो को अनदेखी करने लगी। साथ 9 महीने से परिषद की साधारण सभा की बैठक नही हो पाई। शेखर सिंह समेत किसी भी कांग्रेसी पार्षद को मेयर खरीद नही सकती। उन्हें के पार्षद बिक सकते हैं। वहीं कांग्रेस पार्षद अनिल बैस पर भी निशाना साधते हुये कहा कि वे हम लोगो को सोशल मीडिया में सलाह देना बंद करें। इस दौरान बंतो कौर , शेखर सिंह, रामगोपाल पाल, रविन्द्र सिंह, प्रेम सागर मिश्रा मौजूद रहे।

अविश्वास प्रस्ताव से इन पार्षदों ने नाम लिया है वापस

दरअसल ननि परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय के खिलाफ 20 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कलेक्टर के यहां आवेदन दिये थे। बाद में पार्षद शेखरओम प्रकाश, बंतो कौर, रामगोपाल पाल, बबली शाह, रूकुमुन देवी, श्यामला, अखिलेश सिंह एवं अर्चना विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से कलेक्टर के यहां शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव से नाम वापस ले लिया। अविश्वास प्रस्ताव से नाम वापस लेते ही नगर निगम में राजनीति गरमा गई है। वहीं पार्षदों के इस निर्णय से मेयर रानी अग्रवाल के साथ-साथ कांग्रेस पार्षद अनिल बैस को भी राजनीति दृष्टिकोण से बड़ा झटका लगा है। आवेदन पत्र से नाम वापस लेने वालों में छ: कांग्रेस के अलावा तीन आम आदमी पार्टी के पार्षद शामिल हैं।

आगे पढ़ें

यह भी खास है ! पढिए

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *