Singrauli News: पानी के लिए कलेक्टर के जनसुनवाई में पहुंची दिव्यांग महिला
माड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम झांझी टोला का मामला

सिंगरौली । जिले में हर घर जल और नल-जल योजना के बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। ग्राम झाझी टोला, पोस्ट मकरोहर, तहसील माड़ा की दो पैरों से विकलांग महिला सुनीता बैस को पीने के पानी के लिए कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचकर गुहार लगानी पड़ी। यह घटना प्रशासन और ग्राम पंचायत की असंवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
सुनीता बैस चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। उनके घर के आसपास एक भी हैंडपंप नहीं है। मजबूरी में उन्हें काफी दूर जाकर पानी लाना पड़ता है, जो उनके लिए किसी यातना से कम नहीं। महिला ने आवेदन में स्पष्ट किया है कि ग्राम पंचायत से कई बार मांग करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। पंचायत की उदासीनता ने उन्हें सीधे कलेक्टर के दरवाजे पर पहुंचने को मजबूर कर दिया। हैरानी की बात यह है कि सरकार विकलांगों के लिए विशेष योजनाओं और सुविधाओं की बातें करती हैं, लेकिन एक विकलांग महिला को पेयजल जैसी मूलभूत जरूरत के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब एक हैंडपंप लगवाने में प्रशासन नाकाम है, तो करोड़ों की योजनाएं किसके लिए बनाई जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई जगह पानी की समस्या बनी हुई है।




