Singrauli News: स्थायी आजीविका की गारंटी है विकसित भारत-जीरामजी योजना: उईके
भारी मंत्री ने सूर्या भवन में पत्रकारों से हुई रूबरू, विकसित भारत-जीरामजी से बदलेगा गांवों का भविष्य

सिंगरौली। म.प्र. शासन की लोक स्वास्थ्य यात्रिंकी विभाग एवं जिले की प्रभारी मंत्री सम्पतिया उइके ने सूर्या भवन एनटीपीसी विन्ध्यनगर में आयोजित पत्रकारों को संबोधित किया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाई गई नवीन योजना विकसित भारत-जीरामजी योजना से ग्रामीण जीवन में आने वाले क्रांतिकारी बदलावओ के संबंध में अवगत कराते हुये कहा कि विकसित भारत-जीरामजी योजना केवल रोजगार का वादा नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका की गारंटी है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगी। गरीब, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को रोजगार मिले, उसके लिए यह कानून आया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इस कानून में पुराने प्रावधानों को संशोधित करते हुए गाँवों को अधिक अधिकार और स्वायत्तता दी गई है।
ग्राम सभाएं तय करेंगी विकास की योजनाएं
प्रभारी मंत्री ने बताया कि यह विधेयक वस्तुत: भारत के ग्रामीण अंचलों के समग्र विकास की दिशा में एक ठोस कदम है। भ्रष्टाचार-मुक्त ग्राम पंचायत, सुशासन और जनभागीदारी इसके प्रमुख उद्देश्य हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केन्द्र सरकार द्वारा 60 प्रति. एवं राज्य सरकार द्वारा 40 प्रति. राशि उपलब्ध कराई जायेगी। वहीं प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि जीरामजी अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं को विकास योजनाएं तय करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है। इससे गांवों की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकेंगी और ग्रामीण विकास में जनभागीदारी बढ़ेगी। इस दौरान सिंगरौली विधायक राम निवास शाह, देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम, सीडा अध्यक्ष दिलीप शाह, पूर्व विधायक रामलल्लू बैस, भाजपा जिलाध्यक्ष सुन्दर लाल शाह मौजूद रहे।




