मध्य प्रदेश

Singrauli News: जिले में जनजाति विकास की स्थिति कमजोर: आर्य

राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से मुलाकात कर तीन दिवसीय दौरे की जानकारी दी

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सिंगरौली । राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने आज दिन गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए जिले के तीन दिवसीय प्रवास के दौरान किए गए कार्यों और निरीक्षण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे बीते तीन दिनों से सिंगरौली में हैं और इस दौरान जिले की प्रशासनिक, सामाजिक व औद्योगिक गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की गई है।

प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत जिले में वृक्षारोपण किया गया, जिसमें उन्होंने स्वयं सहभागिता निभाई। यह अभियान पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक बन रहा है। इसके अलावा सिंगरौली में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां युवाओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने गए। राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि जिले के आदिवासी अंचलों में सिकल सेल एनीमिया को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि आदिवासी समाज को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके। इस दौरान विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया गया, जिनसे जिले की वास्तविक स्थिति का फीडबैक प्राप्त हुआ। उन्होंने एनटीपीसी और एनसीएल का दौरा कर अधिकारियों एवं यूनियन प्रतिनिधियों से चर्चा की। औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों और स्थानीय लोगों से जुड़ी समस्याओं पर भी गंभीरता से विचार किया गया। कलेक्ट्रेट में कलेक्टर के साथ बैठक कर कार्यालयीन कार्यप्रणाली और योजनाओं की समीक्षा की गई तथा जहां भी कमियां पाई गईं, उन्हें सुधारने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए। अंतर सिंह आर्य ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह देखने में आया कि पहाड़ी और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में अब भी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इन इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं को और बेहतर करने की जरूरत है। जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आदिवासी क्षेत्रों में पाई गई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

 छात्रावासों में महिला अधीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जहां आदिवासी छात्रावास संचालित हैं, विशेषकर बालिका छात्रावासों में महिला अधीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि छात्राओं की सुरक्षा और देखरेख बेहतर ढंग से हो सके। एट्रोसिटी एक्ट के फर्जी मामलों पर उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें सामने आती हैं और किसी को गलत तरीके से फंसाना उचित नहीं है। यदि ऐसा पाया जाता है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सिंगरौली जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और गांवों को जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण किया गया है। धरती आभा योजना के तहत आदिवासी क्षेत्रों में बिजली पहुंचाई जा रही है। अंत में उन्होंने कहा कि सिंगरौली में अभी पेसा एक्ट लागू नहीं है, लेकिन आयोग स्तर से प्रयास किए जाएंगे, ताकि जिले में पेसा एक्ट को लागू किया जा सके और आदिवासी समाज को उसका पूरा लाभ मिल सके।

राष्ट्रीय अजजा आयोग अध्यक्ष ने युवाओं से किया संवाद

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता एवं सिंगरौली विधायक राम निवास शाह, देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम, भाजपा जिलाध्यक्ष सुन्दर लाल शाह के उपस्थिति में पीएम शा. महावि. में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजित हुआ। युवा संवाद कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोग के सदस्य आरके द्विवेदी द्वारा अनुसूचित जनजाति आयोग के सम्बन्ध जानकारी देकर छात्रों को आयोग के क्रियान्वयन एवं महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम में छात्रों से संवाद कर अध्यक्ष ने जन जातियों के विकास के सम्बन्ध में छात्रो से उनके विचार जाने। छात्रो पूरे उत्साह के साथ अपने मन की बात रखी।अध्यक्ष श्री आर्य ने छात्रो को संबोधित करते हुये कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जन जाति आयोग जन जाति के समुचित विकास के लिए सदैव तत्पर है। समाज के सभी वर्गो को अपने देश के संविधान की जानकारी होनी चाहिए।

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