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सिंगाही पंचायत में जेसीबी से शुरू है तालाब का निर्माण कार्य

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सिंगरौली। जनपद पंचायत बैढऩ क्षेत्र के सिंगाही ग्राम पंचायत के तालाब निर्माण कार्य में श्रमिकों को अनदेखी कर जेसीबी मशीन से कार्य कराया जा रहा है। जिला एवं जनपद के अधिकारी अपनी पीठ थपथपाने के लिए जानबुझकर जेसीबी मशीन से कार्य कराया जा रहा है। ताकि कार्य की प्रगति दिखे और भोपाल के अधिकारी वाह-वाह करें।

जनपद पंचायत बैढऩ के ग्राम पंचायत सिंगाही नवनिर्मित तालाब का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि सरपंच , सचिव, रोजगार सहायक पंचायत समन्वयक एवं उपयंत्री के द्वारा लगातार मनमानी तरीके से तालाब का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जबकि नवीन तालाब मनरेगा के अंतर्गत है और मनरेगा के कार्य में मनरेगा मजदूरों के माध्यम से कार्य करना उचित है। परंतु मनरेगा मजदूरों को दरकिनार कर सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक जनपद पंचायत बैढऩ के विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ कर 9 लाख 80 हज़ार 103 रुपए की लागत से मनरेगा नवीन तालाब का निर्माण जेसीबी मशीन लगाकर कराया जा रहा है।

पंचायत में दो सैकड़ा पंजीकृत हैं श्रमिक

यहां बताते चले की ग्राम पंचायत सिंगाही मनरेगा जॉब कार्ड पोर्टल पर 206 मजदूर पंजीकृत है। लेकिन उनमें कुछ मजदूर ऐसे हैं कि उनका घर परिवार मजदूरी करके ही चलता है। लेकिन उन मजदूरों को पंचायत में रोजगार नही दिया जाता है। सरपंच व सचिव मनरेगा जॉब कार्ड पोर्टल पर फर्जी खाता अकाउंट फिट कर राशि आहरण करते हैं। जिसकी भलीभांति जानकारी जनपद एवं जिला के अधिकारियों को है। फिर भी अधिकारी सब कुछ जानते हुये अंजान बने हुये हैं।

मजदूरों के प्रति सीईओ की नही है दिलचस्पी: पारस

बैढऩ जनपद क्षेत्र के जनपद सदस्य पारस नाथ ने जनपद एवं जिला पंचायत के सीईओ पर गंभीर आरोप लगाया है। कहा है कि मजदूर काम के अभाव में दर-दर भटक रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी जेसीबी मशीन से कार्य कराने की छूट दे रखी है। जिसके चलते ग्राम पंचायत के सरंपच, सचिव अपने मनमुताबिक कार्य को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जेसीबी मशीन से तालाब निर्माण कराने के बारे में कई बार जिला पंचायत सीईओ को फोन भी किया गया । लेकिन उन्होंने बैक कॉल भी नही किया।

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